पिचकारी तोहार मोट बा

होली के त्योहार में, भोजपुरी के लोगे भावना से मनावेले उहाँ। एह वर्ष के ‘पिचकारी तोहार मोट बा | पिचकारी तोहरे मोट बा | पिचकारी तोहरा मोट बा’ खातिर एगो अनोखा योजना बा। आपन परिवार के संग रंग बिरंगी पिचकारी से खेलल के सुख लवल, साथ ही भोजपुरी के पारंपरिक गीत सुनल के मौका पावल। एह धमाके में, आपे बहुत सारे स्वादिष्ट भोजनों के भी मजा लवल के पावल , जे भोजपुरी के परंपरा के प्रतीक हईं। ई होली अबही भुलायला कठीण होई! ई एगो अति यादगार एहसास होई!

तस्वीर शाही के छींटे मारने वाला : तमार मोट बा!

अरे वाह! छवि शाही के छींटे मारने वाला सचमुच में तुम्हारा मोट बा! यह मनोरम है! उत्सवपूर्ण गर्मी के मौसम में, हर कोई एक पानी के को इस्तेमाल करना पसंद करता है। वह बड़ों और युवाओं दोनों के लिए एक मज़ा है। उसको देखना भी अति अच्छा लगता है!

जीजा जी की तोहारी मोटी पिचकारी

होली लौटा और जीजा जी का ठोस पिचकारी का उत्साह लोगों के दिलों में उजाड़ गया है! हर साल की तरह, इस बार भी जीजा जी का पिचकारी शैली लोगों को मुस्कुराने पर और अड़ेगा। यह होने खास होली का महसूस है, जो तुम्हें जीजा जी की पिचकारी से साथ देती है। यह होली में जीजा जी के पिचकारी तो एक ज़रूरी हिस्सा है!

तोहार मोट पिचकारी: नवा भोजपुरी हिट

लगातार हिट गान देवेले कलाकार केके के वर्तमान गान "तोहार मोट पिचकारी" आज ही पूरा भोजपुरी प्रेमी मन के बीच उलाहका के केंद्र बन गइल check here बा। ई गान के बोल उम्बे मजेदार बाड़े, जहाँ एकर प्यार के अनोखा अंदाज में अभिव्यक्त कइल गईल बा। धुन में विपरीत एकर अद्वितीय उल्लास बा, जे सुन मन के खुश कर देल। फिलहाल ई गान भोजपुरी के सब प्लेटफार्म प प्राप्त बा।

मोट छौ रे छौरा - पिचकारी तोहार बा

शुरुवातमा, मोट छौ रे छौरा - पिचकारी तोहार बाको उद्घोषणा नयाँ तरंग मा फैलिएर छिरेको छ। यो शुभसाइ जसरी बच्चा समुदाय मा परिचित छ, जस्कोले लक्ष्य विनोद र मिल्नसार वातावरण ल्याउन छ। तोहार पिचकारी एक प्रकारको सांस्कृतिक रूप हो, जसमा प्रत्येक उपस्थित खुशी मा घेरिरहेको हुन्छन। धेरो छोरा यस खेली मा भाग लिन हुन्छन।

गुलाल राउर मोट बावे | मारई का तान

जश्न साल, पूर्णिमा के साथ, {उत्सव|आनंद|धूमधड़ाम) का एक अद्भुत नज़ारा सामने आविर्भूत है। यह “गुलाल राउर मोट बावे | मारई का तान” का ज़रूरी अंश है। लोग {खुशी|उत्साह|उल्लास) से में {नहा|धुल|लुटा) रंगों के महासागर में। वह बिलकुल एक प्रयोग है, जिसके हमें एकत्रित है और प्रीति की भावना देता है। वह अवसर मन भरने गले में ख़ुशी लाएँ लाएँ है।

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